Thursday, October 22, 2026
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मुख्यमंत्री ने मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में अधिकारियों को दिए निर्देश

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संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में अधिकारियों को प्रभावी आपदा प्रबंधन के निर्देश दिए।
आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में अधिकारियों को प्रभावी आपदा प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय तथा आधुनिक तकनीकों का समुचित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन तंत्र की क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था, संसाधनों की उपलब्धता तथा राहत एवं बचाव तंत्र की वास्तविक क्षमता का व्यापक परीक्षण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन को केवल राहत एवं बचाव तक सीमित न रखकर जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी तथा तकनीक आधारित प्रबंधन पर विशेष बल दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग तथा डेटा आधारित जोखिम आकलन जैसी आधुनिक तकनीकों को आपदा प्रबंधन से जोड़ा जा रहा है, जिससे संभावित खतरों का समय रहते सटीक आकलन कर जन—धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव सुनिश्चित करने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सशक्त बनाया गया है तथा अर्ली वार्निंग सिस्टम को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक समय पर चेतावनी पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्रोत संरक्षण, ग्लेशियर अध्ययन, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण तथा जन—जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण ही आपदा जोखिम को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन योजना तथा राज्य के सभी 13 जनपदों की जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीएमपी राज्य स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, पूर्व चेतावनी, राहत, बचाव, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए सभी विभागों की भूमिका, दायित्व एवं समन्वय व्यवस्था निर्धारित करती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अग्निशमन विभाग द्वारा लगाए गए आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्हें उपकरणों के संचालन, उपयोगिता एवं आपदा के दौरान उनकी भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, लेफ्टिनेंट कर्नल (से.नि)रघुवीर सिंह भण्डारी, सचिव विनोद सुमन, गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी अग्निशमन श्रीमती विम्मी सचदेव, अपर सचिव प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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