Thursday, October 22, 2026
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पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी ः मुख्यमंत्री

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।
आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में पशुपालन विभाग तथा गन्ना विकास एवं चीनी उघोग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 88 पशुधन प्रसार अधिकारी एवं 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। आज से वे उत्तराखण्ड सरकार का अभिन्न हिस्सा बनने के साथ ही जनसेवा की महत्वपूर्ण यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से अपने ज्ञान, ऊर्जा और नए विचारों के माध्यम से शासकीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपनी कार्यश्ौली से उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। आज सरकारी नौकरियां सिफारिश या पहचान से नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के आधार पर मिल रही हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं। यह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और युवाओं को उनकी प्रतिभा के आधार पर अवसर प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उघोग विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन हजारों परिवारों की आजीविका, मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण और गांवों की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार पशुपालन को रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति भी प्रतिबद्ध है। गन्ना सर्वेक्षण की व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। किसानों को नई तकनीक, उन्नत गन्ना प्रजातियों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। उत्तराखण्ड में गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में 05 रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्हें किसानों और पशुपालकों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझते हुए समाधान के लिए संवेदनशीलता से कार्य करना होगा। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि आम नागरिक को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शासकीय कार्यप्रणाली में ट्टसरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, खजानदास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक श्रीमती सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, सचिव एस.एन पाण्डेय एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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