संवाददाता
देहरादून। पुलिस ने सुनार की दुकान में हुई चोरी कर खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आज यहां इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि संजीव राणा, निवासी विकासनगर ने कोतवाली विकासनगर में आकर प्रार्थना पत्र दिया कि वह विकासनगर स्थित अपनी न्यू राणा ज्वैलर्स, ज्वैलरी शॉप को बन्द करके घर चले गये थे तथा नौ अगस्त को प्रातः जब दुकान खोली तो दुकान के अन्दर से सोने व चांदी के आभूषण गायब थे, किसी अज्ञात चोर द्वारा दुकान के अन्दर रखे सोने—चांदी के आभूषण चोरी कर लिये थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया। घटना की गंभीरता के दृष्टीगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा घटना के अनावरण तथा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विकासनगर के नेतृत्व में अलग—अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर आस—पास तथा आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरो की फुटेजों का बारीकी से अवलोकन करते हुए फुटेज में दिख रहे संदिग्ध के सम्बन्ध में जानकारियां एकत्रित की गई, साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इसके अतिरिक्त पूर्व में नकबजनी की घटनाओं में प्रकाश में आये लोगोंं की वर्तमान स्थिति की जानकारी कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों के दौरान रात्रि में पुलिस टीम द्वारा मिली सूचना पर चैकिंग के दौरान कुल्हाल हाईवे पुल के पास स्थित कच्चे रास्ते से चोरी की घटना को अजांम देने वाले 04 लोग नैना शाही उर्फ विनोद पुत्र शेर बहादुर शाही, निवासी तोलीचाखा पीपलकोट, थाना राखम, जिला देलेख अंचल भ्ौरी नेपाल, दीपक कुमार ठाकुर उर्फ भोटिया पुत्र नवराज ठाकुर, निवासी तोलीचाखा पीपलकोट, थाना राखम, जिला देलेख अंचल भ्ौरी नेपाल, शंकर बहादुर शाही पुत्र सत बहादुर शाही निवासी ग्राम मानमा थाना होलम, जिला कालिकोट नेपाल, निश्चल योगी उर्फ रमेश पुत्र तपेन्द्र योगी, निवासी कालिकोट, थाना तीरवेणी, जनपद राजकोट नेपाल, को घटना में चोरी की गई ज्वैलरी के साथ गिरफ्तार किया गया, जिनसे पूछताछ में उनके द्वारा अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर विकासनगर क्षेत्र में ज्वैलरी की दुकान में चोरी करना स्वीकार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे सभी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले है तथा मजदूरी के बहाने अलग—अलग राज्यों में जाकर सुनियोजित तरीके से रैकी कर चोरी/नकबजनी की घटनाओं को अजांम देते है। विकासनगर क्षेत्र में हुई चोरी की घटना से पूर्व सभी लोग हिमाचल प्रदेश के बंजार क्षेत्र में मजदूरी का कार्य कर रहे थे। घटना में शामिल उनके एक अन्य साथी भीम बहादुर के कहने पर वे सभी विकासनगर क्षेत्र में घटना को अजांम देने के लिये आये थे, घटना से पूर्व उनके द्वारा काम ढूंढने के बहाने विकासनगर में विभिन्न स्थानो पर रैकी की गई तथा घटना के लिये न्यू राणा ज्वैलर्स की दुकान को चिन्हित किया था, योजना के मुताबिक उनके द्वारा 07 अगस्त की रात्रि में मौका देखकर न्यू राणा ज्वेलर्स की दुकान का ताला तोडते हुए दुकान में रखी सोने—चांदी के आभूषणों को चोरी कर लिया था। घटना के बाद वह पुलिस को चकमा देने के लिये देहरादून, हरिद्वार होते हुए बस के माध्यम से वापस हिमाचल प्रदेश चले गए थे। आज सभी अपने साथी भीम बहादुर के कहने पर वापस देहरादून आईएसबीटी आ रहे थे, जहां से वे सभी नेपाल भागने की फिराक में थे, पर उससे पूर्व ही पुलिस ने चारों को उत्तराखण्ड— हिमाचल बोर्डर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार निश्चल उर्फ रमेश के पास से पुलिस को उसके द्वारा हिमाचल प्रदेश के पते पर बनाया गया फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसके माध्यम से वह अपने अन्य साथियों कोे सिम उपलब्ध कराता था। उससे पूछताछ में उनके पूर्व में बैंगलौर, तमिलनाडू व अन्य राज्यों से भी चोरी व नकबजनी की घटनाओं में जेल जाना प्रकाश में आया है। उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
पुलिस ने चोरी का खुलासा करते हुए चार लोगों को किया गिरफ्तार
