Thursday, October 22, 2026
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चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र हो ट्टसुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवादःमुख्यमंत्री

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संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ट्टसुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए।
आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ट्टसुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद और सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही अनुमति दी जाए तथा दिन के समय ऐसे वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम अथवा पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया एवं प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए, जिससे धामों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि तथा आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन एवं यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस एवं राहत—बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति अथवा मार्ग अवरोध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा खाघ पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव श्ौलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से विधायक सुरेश चौहान, श्रीमती आशा नौटियाल, बदरी—केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

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