Thursday, October 22, 2026
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एलिवेटेड रोड से प्रभावित होने वाले लोगों का किया जाये पुनर्वास

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देहरादून। रिस्पना व बिन्दाल नदी के किनारे किनारे प्रस्तावित एलिवेटेड रोड़ बनाये जाने से उसकी जद में आने वाले प्रभावित लोगों के मकान स्वामियों को मुआवजा न देकर सरकार से पुनर्वास किये जाने की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा।
यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं चकराता विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सविन बंसल से मुलाकात की। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री व चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि नदी रिस्पना व बिन्दाल पर एलिवेटेड रोड़ बनाये जाने से हजारों लोगों को हटाये जाने के लिए मकानों पर निशान लगाये गये है। उन्होंने कहा कि वहीं सुनवाई के लिए कैम्प लगाये जा रहे है।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि रिस्पना व बिन्दाल नदी पर ऐलिवेटेड रोड़ बनाये जाने से उसकी जद में आने वाले मकान स्वामियों को मुआवजा न देकर हटाने से पहले पुनर्वास किया जाये। पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने कहा कि सरकार व नगर निगम की प्रभावित लोगों के मकानों का ध्वस्तीकरण किये जाने का पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड़ से प्रभावित होने वाले मकान स्वामियों का पहले पुनर्वास किया जाये। इस दौरान जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि दून में रिस्पना एवं बिन्दाल नदी के ऊपर क्रमशः 11 व 14 किलो मीटर की एलिवेटेड रोड़ का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। वहीं कांग्रेसजनों ने ज्ञापन में कहा गया कि एलिवेटेड रोड़ बनाये जाने के लिए जद में आने वाले मकानों को हटाने, ध्वस्तीकरण किया जाना है। सभी निवासीगण रिस्पना नदी व बिन्दाल नदी के किनारे लगभग चालीस से पचास वर्षों से अपने मकान में निवास कर रहें हैं तथा सरकार के सर्वे के अनुसार सभी के मकान एलिवेटेड रोड़ की जद में आ रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि यह सभी लोग मेहनत मजदूरी करके अपने जीवन की सारी पूंजी लगाकर अपने बच्चों के साथ मकान बनाकर निवास कर रहें हैं और नगर निगम को वर्षों से टैक्स व पानी, बिजली का बिल देते आ रहे हैं और यदि सरकार इन लोगों को अन्यत्र स्थान पर पुनर्वास न करके मात्र मुआवजा प्रदान करती है तो उन सभी लोगों और उनके बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना होगा।
ज्ञापन में कहा गया कि सरकार इन प्रभावित लोगों के मकानों के बदले अन्य स्थान पर पुनर्वास नहीं करती है और मात्र मुआवजा देकर मकान हटाये जाते हैं, तो यह सभी अपने बच्चों सहित बेघर हो जायेगें और दून में इतनी महँगी जमीन कहीं पर नहीं ले पायेगें। सभी निवासरत मकान के आधार पर ही आधार कार्ड, राशनकार्ड, स्थाई निवास ध् जाति प्रमाण पत्र, पानी, बिजली बिल, मतदाता पहचान पत्र आदि सभी प्रकार के प्रमाण पत्र इनके पास हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि नदी रिस्पना व बिन्दाल नदी पर एलिवेटेड रोड बनाये जाने के लिए प्रभावित होने वाले लोगों के मकानों के बदले किसी अन्यत्र स्थान पर पुनर्वास कराया जाए जिससे सभी हजारों निवासीगण बेघर व उनके अधिकारों का हनन न हो सके।
प्रतिनिधिमंडल में पार्षद निखिल कुमार, बिरेन्द्र बिष्ट, प्रमोद कुमार, पीयूष गौड, सोम प्रकाश वाल्मीकि, सुंदर सिंह पुंडीर, अजय सिंह, नमन, अशोक शर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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