- कृत्रिम झीलो से राज्य को भारी खतरा
- चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
- गंगोत्री हाईवे अभी भी पानी में डूबा
- यमुनोत्री हाइवे पर बना पुल भी खतरे में
देहरादून। एक और जहां आसमान से बरस रही आफत की बारिश ने उत्तराखंड वासियों का जीवन दूभर कर दिया है वहीं दूसरी ओर अनेक अप्राकृतिक झीलों से एक ऐसा अदृश्य खतरा लोगों के सर पर मंडरा रहा है जो कभी भी उनका सब कुछ खत्म कर सकता है और बिना बरसात के भी उनके सामने धराली और थराली जैसे भयंकर हालात पैदा कर सकता है।
धराली में आई आपदा के 24 दिन बाद भी गंगोत्री हाइवे बंद पड़ा है। धराली में खीर गंगा ने एक बड़े क्षेत्र को 30—35 फीट मलबे और पत्थरों के नीचे दफन कर दिया। इस दौरान हर्षिल में बनी एक कृत्रिम झील अभी क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। इस झील का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है तथा गंगोत्री हाईवे का बड़ा है हिस्सा अभी भी इस झील में डूबा हुआ है। उधर थराली में 6 दिन पूर्व आई आपदा में भले ही जनहानि उतनी न हुई हो लेकिन सैलाब के साथ आए मलवे से दर्जनों घरों और दुकानों का भारी नुकसान हुआ है। स्यानाचटृी से ऊपर इस दौरान बनी झील और यमुनोत्री मार्ग पर बने पुल को खतरा पैदा हो गया है तथा पुल के ऊपर तक पानी पहुंच गया है। इस पुल को बचाने में आपदा प्रबंधन और बीआरओ की टीमे जुटी हुई है।
राज्य में 13 ऐसी ग्लेशियर झीलें बन चुकी हैं। जिनमें पांच तो ऐसी हैं जो कभी भी फट सकती हैं और भारी तबाही का सबब बन सकती हैं। जिसमें चमोली की वसुंधारा झील भी एक है। उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ के लिए यह झीले किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। राज्य में हो रही भारी बारिश के कारण जहां गंगोत्री धाम की यात्रा तो बंद हो ही चुकी है वहीं केदारनाथ और बद्रीनाथ हाईवे भी जगह—जगह बाधित है।
आसमान से हो रही आफत की बारिश से राज्य की नदियां नाले उफान पर हैं। आज रामनगर में खिचड़ी नदी में एक कार पानी में बह गई जिसमें सवार दो लोगों को बमुश्किल रेस्क्यू कर जान बचाई गई। मौसम विभाग द्वारा आज फिर राज्य के चार जिलों में अगले 48 घंटे में भारी बारिश होने की संभावना के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर शामिल है। राजधानी दून में आज सुबह से ही भारी बारिश हो रही है जिसके कारण कई क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति पैदा हो गई है। शासन द्वारा सभी जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है कि वह सतर्क रहें।
