थराली आपदा: मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण, राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया और पीड़ित लोगों से मिलकर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

गौरतलब है कि शुक्रवार रात को बादल फटने से थराली क्षेत्र में भारी तबाही हुई थी। इस घटना से सरकारी और निजी परिसंपत्तियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। मलबे की चपेट में कई घर और वाहन आ गए। मलबे में दो लोग दब गए थे, जिनमें से एक युवती का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति अब भी लापता है।घटना के बाद प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से चमोली के अधिकारियों से बैठक कर हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए थे। पूरे क्षेत्र में अलर्ट मोड पर काम किया जा रहा है। रविवार को मुख्यमंत्री ने स्वयं थराली पहुंचकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और लोगों से मुलाकात की।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा ने कई परिवारों को गहरा दुःख पहुंचाया है और सरकार उनकी पीड़ा को पूरी तरह समझती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर 24×7 मोड में जारी हैं और सभी विभागीय अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में चल रहे राहत कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए।मुख्यमंत्री ने आपदा में जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल सहायता राशि के रूप में 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देने की बात कही। साथ ही बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कई प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुख साझा किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।प्रभावित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ऊपरी गांवों को भी जल्द से जल्द सड़क से जोड़ा जाए, जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि रास्ता खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, वे गांव जाकर स्थिति का जायज़ा लेंगे।

डीएम संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि आपदा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहां उनके भोजन और ठहरने की उचित व्यवस्था की गई है। कुलसारी के राजकीय पॉलिटेक्निक में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ों में 36 और थराली अपर बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को अस्थायी रूप से ठहराया गया है।प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और सुचारु यातायात व्यवस्था बहाल करने का कार्य तेजी से जारी है। साथ ही, पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत और नई पाइपलाइन बिछाने का काम भी प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने का कार्य और नुकसान का मूल्यांकन भी लगातार जारी है।मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तराखंड सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और राहत एवं सहायता हर प्रभावित गांव तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड़, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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