देहरादून। केन्द्र सरकार ने आरडीएसएस योजना के अंतर्गत यूपीसीएल को ऋषिकेश में एचटी/एलटी लाइनों के भूमिगतकरण व ऑटोमेशन हेतु 547.73 करोड रूपय की वित्तीय स्वीकृति दे दी है।
केंद्र सरकार द्वारा यूपीसीएल, उत्तराखण्ड द्वारा ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में एच.टी./एल.टी. लाइनों के भूमिगतकरण एवं एससीएडीए ऑटोमेशन हेतु कुल परियोजना लागत 547.73 करोड़ रूपये (समानांतर जीबीएस रू. 493.05 करोड़ सहित) तथा पी.एम.ए. शुल्क / 1.5 प्रतिशत परियोजना लागत (रू. 8.22 करोड़, जिसमें जीबीएस 7.39 करोड़ रूपये) के साथ योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एचटी/एलटी विघुत लाइनों को भूमिगत किया जाएगा, साथ ही स्काडा ऑटोमेशन प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति में पारदर्शिता, निगरानी और त्वरित सुधार की क्षमता विकसित होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में विघुत लाइनों के भूमिगतकरण एवं ऑटोमेशन के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) द्वारा 547.73 करोड रूपये की परियोजना को अनुमोदित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खटृर का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक, पर्यटन और कुम्भ क्षेत्र के लिए यह परियोजना न केवल विघुत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि नगर की सौंदर्यकरण , सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उत्तराखण्ड सरकार इस परियोजना को समयबद्ध रूप से लागू करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी, जिससे प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और सुरक्षित विघुत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
केंद्र ने ₹547.73 करोड़ की मंजूरी देकर एलटी लाइनों को भूमिगत करने की अनुमति दी
