Thursday, October 22, 2026
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Khatima : 2019 से खटीमा में संचालित केंद्रीय विद्यालय को मिला अपना भवन

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देहरादून : Khatima  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा में अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 26.23 करोड़ की लागत से निर्मित केंद्रीय विद्यालय, खटीमा का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।

डीएम ने कानूनगों को किया सस्पेंड

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सभी के लिए हर्ष और गौरव के क्षण हैं। देश में शिक्षा के क्षेत्र में आई नई क्रांति के 5 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर खटीमा में भी ज्ञान और विज्ञान के नए युग का आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने खटीमा को केंद्रीय विद्यालय की सौगात देने के सभी खटीमा वासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान का  आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा केंद्रीय विद्यालय की शिक्षा हमारी सेना, अर्धसैनिक बलों तथा उन तमाम कार्मिकों के बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा यदि मेरे छात्र जीवन के दौरान खटीमा में केंद्रीय विद्यालय होता, तो वो स्वयं भी केन्द्रीय विद्यालय के छात्र होते। उन्होंने कहा खटीमा के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए यहां से पलायन न करना पड़े, इसके लिए उन्होंने विधायक रहते हुए खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किए और आज उसी विद्यालय को अपना भवन भी मिल गया है। उन्होंने कहा खटीमा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से यहाँ के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने और उनके समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिल रही है। इसमें शोध और अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास भी हो रहा है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। जिसके अंतर्गत हमने प्रदेश के 5600 से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में बालवाटिका कक्षाओं की शुरुआत कर एक महत्वपूर्ण और दूरगामी शैक्षणिक पहल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा उनका घर है और वहां के निवासी उनके परिवार के सदस्य। उन्होंने कहा खटीमा से ही उन्होंने जनसेवा की यात्रा प्रारंभ की थी। खटीमा की माटी और लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर, राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल निर्माण के साथ ही पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू करवाई हैं। जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। जिसके परिणाम स्वरूप एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून को लागू किया गया है। राज्य में साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। 200 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ 500 से अधिक अवैध संरचनाओं को भी हटाया है। प्रदेश में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया है जिसके माध्यम से हम राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया गया है। इसके साथ राज्य के 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से भ्रष्टाचार रूपी दीमक को जड़ से समाप्त करने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य किया जा रहा है।  इसी का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों में हमने भ्रष्टाचार में लिप्त आईएएस, पीसीएस सहित करीब 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

इस दौरान कार्यक्रम में मेयर श्री विकास शर्मा, दर्जा मंत्री श्री अनिल कपूर डब्बू, श्री शंकर कोरंगा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रमेश चंद जोशी, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, श्री राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं शिक्षक व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे।

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