संवाददाता
देहरादून। भारी बारीश के चलते शहर में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जगह—जगह जल भराव दुर्घटनाओं को दावत देते दिखायी दे रहे हैं। यह नजारा देखते हुए लोग सोचने को मजबूर हो गये हैं कि यह स्मार्ट सिटी है या फिर स्विमिंग सिटी है। जहां चारों तरफ पानी ही पानी है।
उल्लेखनीय है राज्य निर्माण के बाद दून शहर प्रयोगशाला बन गया है। आये दिन यहां पर कोई न कोई प्रयोग होते दिखायी देते रहते हैं। अभी लोग जाम के झाम से निजात नहीं पा पाये थे। ऊपर से कोढ में खाज का काम स्मार्ट सिटी के नाम से शुरू कर दिया। स्मार्ट सिटी के नाम पर जगह—जगह खुदाई शुरू हो गयी। लेकिन उसका कोई विकल्प जनता के लिए नहीं छोडा गया। शहर जैसे गढडों का शहर बनता जा रहा है। अधिकारी एसी कार्यालयों में बैठकर योजनाएं बना रहे हैं और धरातल में क्या हो रहा है इस बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। जहां एक ओर गर्मी के चलते लोगों के हलक सूख रहे थे तो बारिश के आते ही लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। लेकिन जब वही लोग घरों से बाहर सडकों पर आये तो उनकी आफत आ गयी। जगह—जगह पानी का भराव व चलने में काफी दिक्कत दिखायी दे रही थी। वहीं एक डर यह भी लोगों को सता रहा था कि कहीं कोई गढडे में न गिर जाये। क्योंकि स्मार्ट सिटी के गढडे पानी से भर गये और अब चारों तरफ पानी ही पानी दिखायी दे रहा था गढडे पानी के कारण छुप गये जिसके चलते लोगों को सडकों पर चलना भी जोखिम लग रहा था। जहां एक ओर लोगा बारिश के आते ही चहकने लगे थे वहीं अब वह बारिश रूकने की दुआ मांगते दिखायी दिये। यह हाल है इस स्मार्ट सिटी का। अब तो लोग यह भी कहते सुनायी देते दिखायी दे रहे हैं कि ट्टइसको स्मार्ट सिटी नहीं अपना पुराना देहरादून ही रहने दो’। अब लोग सोचने पर मजबूर हो गये हैं कि क्या राज्य बनाकर उन्होंने गलत कर दिया है। पहले चाहे अधिकारी व नेता लखनऊ में रहते थे लेकिन शहर का विकास होता रहता है लेकिन अब राज्य बनने के बाद विकास के नाम पर विनाश होता दिखायी दे रहा है। यह बात तो साफ हो गयी है कि शहर के विकास की पोल बारिश ने पूरी तरह खोलकर रख दी है कि शहर का कितना विकास हुआ है। क्यों बारिश के शुरू होते ही शहर पानी—पानी हो गया है। जिससे लोगों की जान आफत में आ गयी। अगर इसी प्रकार का विकास होता रहा तो वह दिन दूर नहीं कि लोग कहने को मजबूर हो जायेंगे कि सडक में गढडे हैं या फिर गढडों में सडक का निर्माण हो रखा है। अब तो इस शहर का भगवान ही मालिक है।
भारी बारीश से जनजीवन अस्त व्यस्त शहर में जल भराव से जनता बेहाल
