अंकिता भंडारी मामलें में महापंचायत

संवाददाता
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामलें में जहाँ धामी सरकार ने सीबीआई जाँच की संस्तुति कर दी है और उसमें सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी है। वही इस मामले में कांग्रेस सहित उत्तराखंड के तमाम संगठनों ने आज महापंचायत बुलाई, जिसमें सीबीआई जाँच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी और जिन दो वीआईपी के नाम सामने आ रहे है उनके नाम से मुकदमा दर्ज करनी की मांग की है साथ ही पर्यवारणविद्ध अनिल जोशी की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की बजाए अंकिता के परिजनों को उसमें वादी बनाया जाए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड न्याय यात्रा के लिए आज देहरादून में महापंचायत का आयोजन हो रहा है। परेड मैदान में संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य व अन्य संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में जुटे हैं। लोगों का कहना है कि हत्याकांड में वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई न होने तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, अंकिता भंडारी के माता पिता और पूर्व सीएम हरीश रावत भी महापंचायत में पहुंचे है। इस दौरान पांच प्रस्ताव पास किए गए।
जिनमें पंद्रह दिनों के भीतर यदि पीड़ित परिवार की शिकायत आगे नहीं बढ़ी तो महापंचायत होगी साथ ही राष्ट्रपति से मुलाकात होगी। वहीं अंकिता के माता—पिता के शिकायती पत्र को ही सीबीआई जांच के लिए शिकायती पत्र माना जाए बताया जा रहा है साथ ही पर्यावरणविद् अनिल जोशी के द्वारा कराई एफआईआर रदद की जाए। वहीं उनका कहना हैथ् कि भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाया जाए और निष्कासित किया जाए। इस दौरान महापंचायत में पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए हम इस आंदोलन में बराबर की भागीदारी निभाएंगे।
महापंचायत में नेताजी संघर्ष समिति के आरिफ वारसी, प्र्रभात डंडरियाल, प्रदीप कुकरेती, पारस यादव, रंजीत सिहं संदीप गुप्ता, गुलाम मुस्तफा, सुशील विरमानी, दानिश नूर ने भी भागीदारी करते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *