पुलिस की लापरवाही का नतीजा है गुंजन की हत्या

संवाददाता
देहरादून। पुलिस की लापरवाही का नतीजा गुंजन की हत्या के रूप में सामने आया है। अगर पुलिस समय पर सव्रिQय हो जाती तो एक युवती की जान बचायी जा सकती थी।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस प्रातः साढे दस बजे के करीब गोविन्द गढ निवासी गुंजन काम से बाजार आयी थी। जब वह मच्छी बाजार मे दूल्हा बाजार के पास पहुंची तो वहां पर हाथ में चापड लेकर खडे गोपाल भवन मन्नूगंज निवासी कमल के पुत्र आकाश ने उसका पीछा किया तो गंुजन डर के कारण एक गली में घुस गयी आकाश ने पीछा कर गली में उसको रोककर चापड से उसके गले व हाथ पर कई वार किये और उसको वहीं लहूलुहान हालत में छोडकर आराम से वहां से फरार हो गया। दिन दहाडे हुई इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी और आनन फानन में पूरा बाजार बंद हो गया और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गये। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तब तक युवती की मौत हो गयी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना से दो दिन पहले गुंजन व उसकी मां ने खुडबुडा चौकी पहुंचकर पुलिस को शिकायत दर्ज करायी थी कि गुजंन को गोपाल भवन मन्नूगंज निवासी आकाश से खतरा है और वह गुंजन के साथ कोई अनहोनी घटना को अंजाम दे सकता है तथा उसने अपने मित्रों से भी कहा है कि वह गुंजन को खत्म कर देगा। इस शिकायत को पुलिस ने गम्भीरता से नहीं लिया और न ही आकाश को बुलाकर उसको वार्निग दी गयी। अगर यहां पर पुलिस लापरवाही नहीं दिखाती और आकाश को बुलाकर उसको चेतावनी दे देती तो एक जान बचायी जा सकती थी। लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया। जिसका नतीजा यह निकला की आकाश ने बेखौफ होकर गुंजन की हत्या कर दी। जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। वहीं लोग पुलिस की इस लापरवाही पर काफी आव्रQोशित हैं। लोगों मानना है कि जब दो दिन पहले पुलिस को आकाश के फैसले के बारे में जानकारी दे दी गयी थी तो पुलिस ने मामले को गम्भीरता से क्यों नहीं लिया। पुलिस की इस निष्व्रिQता का ही कारण है कि एक युवती को अपनी जान से हाथ धोना पडा। यहां अब पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी इस पर मंथन करना पडेगा कि अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो उसको गम्भीरता से लेना चाहिए न की उस पर आंख मूंदकर बैठ जायें। वहीं महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने जिला पुलिस की संवेदनहीनता पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि यदि पीडित युवती की शिकायत पर पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की होती तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पुलिस की कथित ढिलाई और संवेदनहीनता पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को तलब करने की बात कही हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिये है। देवभूमि में महिलाओं के खिलाफ इस तरह के नृशंस अपराध स्वीकार्य नहीं हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने पर चौकी पुलिस कर्मियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी इस बात को पूरी गम्भीरता से लें कि यदि किसी भी महिला या पीडिता की ओर से कोई शिकायत दी जा रही है तो उसपर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं। शिकायत पर ढिलाई बरतने से ही अपराधियों के हौंसले बुलंद होते हैं। भविष्य में इस प्रकार के जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और तत्परता लानी होगी। उन्होंने शहर के व्यस्त इलाकों में महिला सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त और निगरानी बढाने के निर्देश दिये हैं उन्होंने बताया कि वह जल्द ही ऐसे संवेदनशील मामलों को लेकर पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक करेंगी।
इस मामले में भाजपा नेत्री नेहा जोशी का कहना है कि जिन पुलिस कर्मियों ने गुंजन की शिकायत को अनदेखा किया उन पर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए। कुछ पुलिसकर्मियों की इस संवेदनहीनता के कारण ही लडकियां पुलिस तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पाती हैं और जो साहस दिखाकर शिकायत करती हैं, उस पर कोई कार्यवाहीं नहीं होती। ऐसे पुलिसकर्मियों के कारण प्रदेश में अपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों का साहस बढ सकता है। इस प्रकार के कर्मी न केवल संवेदनहीन है बल्कि इस अपराध में भागीदार भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *