Thursday, October 22, 2026
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वर्ष 2026 के लिए उत्तराखण्ड पुलिस का रोडमैप तय

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डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स—फ्री देवभूमि मिशन पर विशेष फोकस
संवाददाता
देहरादून। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा वर्ष 2026 के लिए निर्धारित उत्तराखण्ड पुलिस की प्राथमिकताओं के संबंध में सरदार पटेल भवन में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान डीजीपी द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए गये। जिनमें’एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस—2025 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, राज्य की आंतरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से साइबर सर्विलांस एवं साइबर इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए गए। एटीएस व एएनटीएफ एवं ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया गया। एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस—2025 में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा एटीएस की संरचना में एकरूपता पर दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई तथा मुख्यमंत्री के ड्रग—फ्री उत्तराखण्ड के विजन को साकार करने हेतु एएनटीएफ को इस वर्ष और अधिक सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए गए।
शीघ्र ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें डीजीपी—आईजी कांप्रेQस—2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। साइबर अपराधों की त्वरित शिकायत निस्तारण हेतु 1930 हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाते हुए 112 इमरजेंसी सिस्टम से उसके बेहतर एवं तकनीकी रूप से मजबूत समन्वय पर विशेष बल दिया गया। मुख्यालय स्तर पर सभी अधिकारी अपने—अपने अनुभागों से संबंधित प्रस्तावों, प्राथमिकताओं एवं लक्ष्यों के अनुरूप ठोस एवं समयबद्ध एक्शन प्लान तत्काल प्रस्तुत करेंगे। साथ ही वित्तीय वर्ष की समाप्ति (31 मार्च) से पूर्व बजट, प्रोक्योरमेंट एवं अन्य वित्तीय मामलों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विगत वर्ष की लंबित पत्रावलियों तथा शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए, जिससे प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक विलंब को रोका जा सके। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक, साइबर नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात एन.एस. नपलच्याल, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण अनन्त शंकर ताकवाले, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व पुलिस मुख्यालय के समस्त अनुभाग अधिकारी उपस्थित रहे।

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