Thursday, October 22, 2026
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कैबिनेट की बैठक में 8 प्रस्ताव पारित सहायक अभियोजन अधिकारियों के 46 पद सर्जित

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संवाददाता
देहरादून। कैबिनेट की बैठक में 8 प्रस्ताव पारित किये गये जिसमें प्रदेश के चार जनपदों में सहायक अभियोजन अधि कारियों के 46 पदों को सृजित करने व महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी।
आज यहां राज्य गठन के उपरान्त समय—समय पर अभियोजन विभाग में अभियोजन संवर्ग के कुल 142 पद के सापेक्ष सहायक अभियोजन अधिकारी के कुल 91 पद सृजित है। न्यायालयों में वादों के सम्बन्ध में प्रभावी पैरवी किये जाने हेतु अभियोजन संवर्ग के ढाँचें को पुनर्गठित करते हुए प्रथम चरण में राज्य के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर एवं नैनीताल हेतु सहायक अभियोजन अघिकारी के कुल 46 अतिरिक्त पदों को सृजित किये जाने प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित कम्पनी एक्ट.2013 की धारा.395 के अन्तर्गत उत्तराखण्ड जल विघुत निगम लि. (यूजेवीएन लि.) के वर्ष 2022—23 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर रखे जाने का प्राविधान है, जिसके अनुपालन में यूजेवीएन लि. के वर्ष 2022—23 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा पटल पर रखे जाने सम्बन्धी प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल का अनुमोदन प्राप्त किया गया। राज्य की दुकानों एवं स्थापनों में महिला कर्मकारों को रात्रि पाली (रात्रि 9.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक) कार्य करने की सशर्त छूट प्रदान की गयी है, जिसमें महिला कर्मकारों की सुरक्षा का पर्याप्त प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से महिला कर्मकारों को कार्य करने के अधिक अवसर प्राप्त होगें तथा महिला कर्मकारों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। रात्रि पाली में महिला कर्मकारों को कार्य में तभी लिया जा सकता है जब उनके द्वारा इस संबंध में पूर्व में ही लिखित सहमति प्राप्त कर ली जाय। इससे महिला कर्मकारों को पुरूष कर्मकारों के समान कार्य करने के अवसर प्राप्त होगें तथा लैंगिक समानता की व्यवस्था भी प्रभावी होगी। उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा.शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के माध्यम से उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा.शर्त) अधिनियम, में संशोधन किया जा रहा है। इन संशोधनों से छोटे प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और वे अपनी आर्थिक गतिविधि सुचारू रूप से संचालित कर सकेंगे जबकि बड़े प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मकारों को कानून के अन्तर्गत सभी लाभ प्राप्त होंगे। इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, दुकानों एवं स्थापनों में काम करने के समय में लचीलापन आयेगा, प्रशासनिक बोझ कम होगा। उक्त के अतिरिक्त इससे दुकानों एवं स्थापनों की कार्यक्षमता बढ़ेगी एवं कर्मकारों को ज्यादा काम करने का अवसर मिलेगा, जिसके परिणामस्वरूप उनकी आर्थिकी में सुधार होगा। उत्तराखण्ड मेट्रो रेल एवं शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम की सम्पन्न आहूत 34वीं बोर्ड बैठक के एजेण्डा बिन्दु संख्या.34.3 में पारित प्रस्ताव के अनुक्रम में देहरादून शहर में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना के प्रस्ताव पर आवासन एवं शहरी विकास मामलों के मंत्रालयए भारत सरकार द्वारा दिये गये परामर्श ध सुझाव से मंत्रिमण्डल को अवगत करने एवं मार्गदर्शन प्राप्त किये जाने का प्रस्ताव प्रस्तावित किया गया है। वर्तमान में मानव वन्यजीव संघर्ष के प्रकरणों में प्रभावितों को अनुग्रह राशि का भुगतान मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली.2024 के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। उक्त नियमावली के प्रावधानों के अनुसार वर्तमान में मानव मृत्यु की दशा में 6 लाख रूपये की धनराशि मृतक के आश्रितों को प्रदान किये जाने का प्रावधान है। मानव मृत्यु की संवेदनशीलता के दृष्टिगत समय.समय पर इस धनराशि को बढ़ाये जाने की मांग को देखते हुएए टाईगर कन्जर्वेशन फाउण्डेशन फॉर सीटीआर की शासी निकाय की 10वीं बैठक में लिये गये निर्णय के क्रम में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में मानव मृत्यु की दशा में अनुग्रह राशि की दर को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रूपये किये जाने हेतु मूल नियमावली के नियम.9 के उप नियम (1) में संशोधन करते हुए अब मानव मृत्यु की दशा में प्रति व्यक्ति 10 लाख रूपये की अनुग्रह राशि दी जायेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा वन्यजीव हमले में जनहानि पर मिलने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रूपये किये जाने की घोषणा भी की गयी थी।

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