- 1980 का रिकॉर्ड टूटा, पर्यटकों के चेहरे खिले
- चमोली, रुद्रप्रयाग सहित आठ जिलों में येलो अलर्ट
देहरादून। भले ही उत्तराखंड से मानसून की विदाई का उद्घोष कर दिया गया हो लेकिन आसमान से आफत की बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग द्वारा राज्य के अधिकांश जिलों में अगले 24 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है जबकि बीते कल शाम से राज्य के आठ जिलों में बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ के ऊंचाई वाले हिस्सों में शीत लहर का प्रकोप शुरू हो गया है तथा तापमान शून्य से नीचे लुढ़क गया है।
मौसम के खराब मिजाज को देखते हुए शासन द्वारा यात्रियों को एडवाइजरी जारी करते हुए गर्म कपड़े लाने की सलाह दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते कल से राज्य के पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग से बारिश और बर्फबारी होने की खबरें हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी होने से पर्यटकों तथा तीर्थ यात्रियों के चेहरे खिले हुए हैं। हल्की बर्फ से ढकी पहाड़ियों ने बद्रीनाथ और केदारनाथ के सौंदर्य में चार चांद लगा दिए हैं। लेकिन इसके साथ ही धामों में सर्दी का प्रकोप भी बढ़ गया है। पारा शुन्य से नीचे लुढ़कने के कारण यहां लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। बद्रीनाथ में अक्टूबर महीने में 1980 में बर्फबारी हुई थी जो 12 अक्टूबर को हुई थी लेकिन इस साल यह रिकॉर्ड 6—7 अक्टूबर को ही टूट गया है।
उधर अभी यात्रा जारी है तथा केदारनाथ के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे और यात्रियों की धाम में अभी भी भीड़ देखी जा रही है। अब तक 16 लाख से अधिक यात्री धाम में पहुंच चुके हैं तथा कुल यात्रियों की संख्या भी 47 लाख बताई जा रही है। उधर पिथौरागढ़ के माणापास और नीतिपास में अच्छी खासी बर्फबारी होने की खबरें हैं। राजधानी दून में भी बीते कल शाम से रुक—रुक कर बारिश का दौर जारी है। कल शाम खराब मौसम के कारण यहां हेलीकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हो सकी जिसे बाद में मसूरी में लैंड कराना पड़ा। राजधानी दून के पारे में भारी गिरावट आई है। इन दिनों दक्षिण भारत के सुपरस्टार और आरकेटीसी के संस्थापक रजनीकांत उत्तराखंड दौरे पर आए हुए हैं। उन्होंने आज बद्रीनाथ में पूजा अर्चना की खास बात यह है कि खराब मौसम के बीच भी यात्रियों का उत्साह कम होता नहीं दिख रहा है। भले ही पिछले साल का रिकॉर्ड टूटे न टूटे लेकिन यात्रियों की संख्या संतोषजनक मानी जा सकती है।
