स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति एवं जन-जागरूकता को सशक्त करने के उद्देश्य से “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत दिनांक 20 सितम्बर 2025 को भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून के पादप विज्ञान प्रभाग एवं कृषि प्रशिक्षण संस्थान, देहरादून (एक गैर-सरकारी शोध संस्थान) के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न स्वच्छता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के लगभग 140 छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित स्वच्छता संवाद में प्रभागाध्यक्ष, पादप विज्ञान प्रभाग डॉ. जे. एम. एस. तोमर ने स्वच्छ जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन तथा खाद्य सामग्री की स्वच्छता पर विस्तारपूर्वक चर्चा की और इन विषयों पर स्थायी एवं व्यावहारिक क्रियान्वयन के महत्व को रेखांकित किया।
कृषि प्रशिक्षण संस्थान देहरादून के CEO श्री अमित उपाध्याय ने स्थानीय स्तर पर स्वयं सहायता समूहों (SHG) एवं गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। वहीं, श्री मनमोहन सिंह बिष्ट ने समाज में व्यक्तिगत एवं सामूहिक दायित्व को निभाने हेतु प्रेरित किया तथा प्लास्टिक उपयोग को कम करने के लिए सभी को जागरूक किया। कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे विद्यार्थियों द्वारा व्यावहारिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता पर कविता पाठन, पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ प्रथाओं पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त एक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक संदेशों का प्रभावी संप्रेषण किया गया, जिससे स्वच्छता के प्रति सामाजिक चेतना को बल मिला। प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रदर्शनों एवं प्रस्तुतियों को पुरस्कृत किया गया, जिससे उनमें स्वच्छता के प्रति उत्साह और जागरूकता को और अधिक प्रोत्साहन मिला।
इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिक एवं अधिकारीगण – डॉ. विभा सिंघल, डॉ. जे. जयप्रकाश, डॉ. अनुपम बड़, एवं श्री राकेश कुमार, श्रीमती संतोषी रौथाण, श्री वरुण चौहान, श्री नवीन नौटियाल, वैशाली थापा, लतिका राणा, रियासना, श्री सुदीप सिंह, श्री मोहित, श्री खजान आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. राजेश कौशल ने सभी उपस्थितजनों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
