मलिन बस्तियों में रहने वालों को मिले मालिकाना हक
राष्ट्रीय आपदा नीति ठीक, डंपिंग जोन जरूरी
संवाददाता
देहरादून। कांग्रेस न तो विकास विरोधी है न ही सरकार विरोधी। हम एलिवेटेड रोड का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन इसके लिए गरीब लोगों को बेघर नहीं किया जाना चाहिए। रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे रह रहे लोगों के लिए सरकार पहले आवास उपलब्ध कराये, जिसके बाद एलिवेटेड रोड का निर्माण करें।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में यह बात पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लंबे समय से मलिन बस्तियों के मुद्दे को लंबित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार या तो इन मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना अधिकार दे या फिर उनके पुनर्वास की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि कभी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें घर देने की बात कही जाती है या फिर अध्यादेश लाकर उनकी समस्या को यथावत बनाए रखा जाता है। लोगों को अनिश्चिता की स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए, सरकार को किसी को भी बेघर करने का अधिकार नहीं है। कांग्रेस का विरोध इस बात को लेकर है कि किसी को बेघर न किया जाए।
पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मानसूनी आपदा के कारण पूरे प्रदेश में तबाही का मंजर है लोग परेशान है सरकार को चाहिए कि वह राष्ट्रीय आपदा नीति बनाये और अगर संभव हो तो हिमालयी राज्यों के लिए अलग से आपदा नीति बनाये जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जो हमारे समय में डंपिंग नीति थी अब वह गायब हो चुकी है। पहाड़ पर होने वाले विकास कार्यों के लिए पहाड़ों का जो मलवा निकलता है उसे तोड़कर वहीं छोड़ दिया जाता है फिर नाले—खालों व नदियों में धकेल दिया जाता है जो आपदा का कारण बन रहा हैं।
लोगों को बेघर न किया जाएः प्रीतम
