आपदा से अब तक 5702 करोड़ का नुकसान

क्रासर—आपदा का कहर जारी, बढ़ सकता है आंकड़ा
8—9 सितंबर को सर्वे करने आएगी केंद्रीय टीम

देहरादून। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों से कराए गए सर्वे के अनुसार मानसूनी आपदा से अब तक 5702 करोड़ का नुकसान होने की संभावना जताई गई है। जिसके आधार पर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से वित्त सहायता प्रदान करने की मांग की गई है।
इस आशय की जानकारी देते हुए आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा है कि मानसून काल में राज्य को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश सभी सरकारी विभागों को दिए गए थे। जिसके आधार पर सरकार ने राज्य को हुए कुल नुकसान का आकलन कर अब केंद्र सरकार को 5702 करोड़ का नुकसान होने तथा वित्तीय सहायता का आग्रह प्रस्ताव (पैकेज) देने की मांग की गई है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी को 1163 करोड़ तथा सिंचाई विभाग को 266 करोड़ का नुकसान सहित कुल 5702 करोड़ का नुकसान आकलन किया गया है। उनका कहना है कि जल्द ही 8—9 सितंबर के आसपास केंद्रीय टीम आकर राज्य के आपदा स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करेगी तथा क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने वाले पैकेज का निर्धारण करेगी।
उनका कहना है कि राज्य में अभी मानसून का कहर जारी है तथा नुकसान भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी यह प्रारंभिक आकलन है मानसून की विदाई के बाद ही यह पता चल सकेगा कि कहां कितना नुकसान हुआ और राहत तथा बचाव कार्यों के अलावा लोगों के पुनर्वास के लिए कितने पैसों की जरूरत होगी। सड़कों और पुलों के निर्माण पर कितना खर्च किया जाना है। इस बार राज्य में अतिवृष्टि के कारण सड़क व पुलों के अलावा कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। बिजली व पेयजल आपूर्ति को नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि सरकार का प्रयास है कि जैसे ही बारिश कम हो और मानसून की विदाई हो उसके तुरंत बाद राज्य में पुनर्निर्माण के कार्य शुरू हो जाएंगे।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से वर्ष 2025 में 1 अप्रैल, 2025 से 31 अगस्त, 2025 के मध्य कुल 79 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है, 115 लोग घायल हुए हैं तथा 90 लोग लापता हैं। कुल 3953 छोटे तथा बड़े पशुओं की मृत्यु हुई है। कुल 238 पक्के भवन ध्वस्त हुए हैं, 2 कच्चे भवन ध्वस्त हुए हैं, 2835 पक्के भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 402 कच्चे भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त बहुत बड़ी मात्रा में व्यवसायिक भवन, दुकानें/होटल/होमस्टे, रेस्टोरेंट तथा अन्य संरचनायें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

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