Thursday, October 22, 2026
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भारत वर्ष में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भण्डाफोड

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एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड की साईबर क्राईम पुलिस टीम द्वारा पूरे भारत वर्ष में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भण्डाफोड करते हुये गिरोह के मास्टर माइण्ड को भिलाई, छत्तीसगढ से किया गिरफ्तार

इस गिरोह के सरगना की काफी समय से थी तलाश, उत्तराखण्ड पुलिस की भनक पाकर काफी समय तक *नक्सली क्षेत्र दंतेवाडा में छिपा रहा और स्थिति सामान्य प्रतीत होने पर बाहर निकलते ही फंसा उत्तराखण्ड पुलिस टीम के चंगुल में

*विगत वर्ष 2024 में सेना से सेवानिवृत्त सुबेदार मेजर के साथ फोरेन इन्वेस्टर कम्पनी APOLLO INDIA PRIVATE EQUTTY (IV) (MAURITIUS) LTD. में ट्रेडिंग/इन्वेस्टमेण्ट के नाम पर 34 लाख 17 हजार रुपये की धोखाधडी के मामले में हुआ इस गिरोह का खुलासा।*

*गिरोह का उक्त मास्टरमाइणड 10 साल दुबई में रहकर आया था तथा उसकी फेसबुक, ई-मेल आई0डी0 भी दुबई में ही create हुई है तथा गिरफ्तार अभियुक्त के बैंक खाते की ई-मेल आई0डी0 फिलीपीन्स में Operate होना एवं वादी से ठगी का पैसा अभियुक्त के बैंक खाते में आकर दुबई में Withdrawal होना प्रकाश में आया।*

अभियुक्त के सम्बन्धित बैंक खाते में *मात्र 01 माह में लगभग 03 करोड़ 46 लाख से अधिक रुपयों* का लेन-देन

अभियुक्त के कब्जे से *UAE, ओमान व अमेरिका की विदेशी मुद्रा, UAE का रेजिडेण्टल कार्ड,* एवं एक भारतीय आधार कार्ड, एक पेन कार्ड, एक एटीएम कार्ड व एक VIVO कम्पनी का मोबाइल फोन मय सिम बरामद ।

अभियुक्त के बैंक खाते को गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित NCRP पोर्टल पर चैक किया गया तो उक्त खाते के विरुद्ध *सम्पूर्ण भारत वर्ष में कुल 37 शिकायतें दर्ज होना पायी गयी

DEHRADUN: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि विगत वर्ष जौलीग्राण्ट, भानियावाला, देहरादून निवासी एक वरिष्ठ नागरिक जो कि सेना चिकित्सा कोर में सुबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं के द्वारा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में सूचना दर्ज करायी कि मैंने फेसबुक में ट्रेडिग का एक ऐप देखा और वह ऐप डाउनलोड कर लिया और उस ऐप के माध्यम से मैं अपोलो एकेडमी ग्रुप में सम्मिलित हो गया जो कि एक फोरेन इनवेस्टर कम्पनी है जिसका नाम व पता APOLLO INDIA PRIVATE EQUTTY (IV) (MAURITIUS) LTD था। इस ग्रुप में एसिसटेंड मिस जसलीन कौर नाम की कथित महिला ट्रेडिगं कराती थी, और एक कस्टमर सर्विस मैनेजर एकाउन्ट्स की डिटेल देती थी और उसमें हमसे पैसे डलवाती थी फिर मुझे जसलीन कौर बात ने एक रजिस्ट्रेशन का फॉर्म भेजा और कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के आप टेड्रिगं नहीं कर सकते है।

मैने दिनांक 20 अप्रैल 2024 को फॉर्म भरकर जमा कर दिया। इस ग्रुप में एक गुरु भी थे जो शाम को 8 बजे से 9 बजे तक टेड्रिगं के बारे में बताते थे, जिनका नाम जॉन पीटर हुसैन बताया गया। इसके बाद मैंने ट्रेडिगं में पैसे लगाने शुरू कर दियें और भिन्न-भिन्न तिथियों में उनके बताये गये खातों में कुल 34,17,000/- रुपये इन्वेस्ट किये गये। इस प्रकार उक्त साइबर ठगों के द्वारा उसे Apolo India Private Equtty (iv) (Marritius) Ltd में पैसा इन्वेस्ट/ट्रेडिंग करने के नाम पर ठगी की गयी है।

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत मामला साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

प्राप्त डेटा के विश्लेषण से घटना के मास्टर माइण्ड अभियुक्त हर विलास नन्दी पुत्र विकास नन्दी निवासी मौहल्ला फौजीनगर, पो0 फौजीनगर, ऑद्यौगिक क्षेत्र भिलाई, थाना जामुल, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ का नाम प्रकाश में आया जिसके खाते में रजिस्टर्ड ई-मेल आई0डी0 विदेश (फिलीपींस) में ऑपरेट होना एवं अभियुक्त का सोशल मीडिया फेसबुक अकाउण्ट, मेल आई0डी0 दुबई में बनना होना पता चला तथा अभियुक्त के खाते से ठगी का पैसा भी अन्य खाते में जाकर थर्ड लेयर पर दुबई में आहरित होना प्रकाश में आया, चिन्हित किया गया उक्त अभियुक्त हर विलास नन्दी अत्यंत ही शातिर था जिसे उत्तराखण्ड पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तारी के प्रयासों की भनक लगते ही उक्त अभियुक्त गिरफ्तारी से बचने हेतु अपनी रिश्तेदारी में नक्सली क्षेत्र दंतेवाडा, छत्तीसगढ में जाकर छिप गया।

*चूकिः इस प्रकरण के तार विदेशों से जुडे होना प्रकाश में आने पर एवं चिन्हित किये गये घटना के मास्टर माइण्ड अभियुक्त की लोकेशन नक्सलवादी क्षेत्र दंतेवाडा में पाये जाने पर उक्त घटना का अनावरण उत्तराखण्ड पुलिस के लिये एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। किन्तु उत्तराखण्ड एस0टी0एफ0/ साइबर पुलिस के कुशल नेतृत्व में अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु जिला दुर्ग (भिलाई), छत्तीसगढ राज्य में घात लगाये बैठी पुलिस टीम हार न मानकर तकनिकी संसाधनों/सहयोग से लगातार अभियुक्त की निगरानी करती रही और जैसे ही स्थिति सामान्य भांप कर अभियुक्त अपनी मांद से बाहर निकला पुलिस टीम द्वारा उसे पकड लिया गया और गिरफ्तार कर अभियुक्त को ट्रांजिस्ट रिमाण्ड पर उत्तराखण्ड देहरादून लेकर आयी।

अभियुक्त हर विलास नन्दी उपरोक्त के कब्जे से UAE, ओमान व अमेरिका की विदेशी मुद्रा, UAE का रेजिडेण्टल कार्ड, एवं एक भारतीय आधार कार्ड, एक पेन कार्ड, एक एटीएम कार्ड व एक VIVO कम्पनी का मोबाइल फोन मय सिम बरामद हुआ। अभियुक्त एक शातिर अपराधी है जिसके उक्त बैंक खाते को गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित NCRP पोर्टल पर चैक किया गया तो उक्त खाते के विरुद्ध सम्पूर्ण भारत वर्ष में कुल 37 शिकायतें दर्ज होना भी पायी गयी।*

उक्त गिरफ्तार अभियुक्त का अन्य आपराधिक इतिहास तलाशा जा रहा है तथा पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह 10 साल दुबई में रहकर आया है तथा वर्तमान में हाथखोज भिलाई, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ में एक इस्पात कम्पनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्य कर रहा था एवं अपने सम्पर्क में आये मजदूरों को लालच देकर व विश्वास में लेकर उनके खाते 50 हजार से 01 लाख रुपये में बेचने का कार्य भी कर रहा था। इसके अतिरिक्त प्रकाश में आये अन्य तथ्यों के आधार पर निकट भविष्य में कई अन्य बडे खुलासे होने की भी सम्भावना है।*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम*
हर विलास नन्दी पुत्र विकास नन्दी निवासी मौहल्ला फौजीनगर, पो0 फौजीनगर, ऑद्यौगिक क्षेत्र भिलाई, थाना जामुल, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ, (सम्पर्क मो0नं0-9407781765) उम्र-35 वर्ष

*बरामदगी-*
*UAE, ओमान व अमेरिका की विदेशी मुद्रा, UAE का रेजिडेण्टल कार्ड,* एवं एक भारतीय आधार कार्ड, एक पेन कार्ड, एक एटीएम कार्ड व एक VIVO कम्पनी का मोबाइल फोन मय सिम बरामद

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