Monday, November 2, 2026
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देवभूमि परिवार पोर्टल से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को मिलेगी मददःसीएम

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संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि परिवार पोर्टल का शुभारम्भ करते हुए कहा कि प्रदेश में सुशासन को मजबूत बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास को स्पष्ट दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ट्टदेवभूमि परिवार पोर्टल’ का शुभारंभ तथा ट्टविकसित उत्तराखंड विजन—2047’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों पहलें प्रदेश में सुशासन को मजबूत बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास को स्पष्ट दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता का वास्तविक पैमाना केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। कई बार जानकारी के अभाव में पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। वहीं, नागरिकों को एक ही जानकारी के लिए बार—बार दस्तावेज देने और विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। देवभूमि परिवार पोर्टल के माध्यम से इन समस्याओं को कम करने तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक—केंद्रित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की पावन भूमि से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उनके इन शब्दों से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड विजन—2047 केवल लक्ष्यों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा तय करने वाली कार्ययोजना है। इसकी सफलता के लिए सभी विभागों और जनपदों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से कार्य करना होगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की निगरानी, लाभार्थियों की आवश्यकताओं का आकलन तथा बजट और सरकारी संसाधनों का बेहतर नियोजन संभव होगा। इसके प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तर पर ट्टदेवभूमि परिवार प्राधिकरण’ तथा जिला स्तर पर ट्टजिला देवभूमि परिवार अधिकारी’ की व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि विजन में कृषि, पर्यटन, उघोग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। वर्ष 2047 तक राज्य की स्थापित ऊर्जा क्षमता को लगभग 22 हजार मेगावाट तक बढ़ाने तथा वन आच्छादन को 46.6 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। विजन में वर्ष 2030, 2035, 2040, 2047 और 2050 के लिए अलग—अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर विभागीय कार्ययोजनाएं तैयार करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सेतु आयोग के सलाहकार दिनेश अग्रवाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत, आदित्य कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी एवं जिलास्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े।

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