Thursday, October 22, 2026
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अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण मामलों की समीक्षा, समयबद्ध सहायता पर जोर

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*सीडीओ अभिनव शाह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न*

*देहरादून 22 जुलाई, 2026(सू.वि.),*
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को समयबद्ध राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा लंबित प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने समिति को वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में पीड़ितों को प्रदान की गई आर्थिक सहायता, न्यायालयों में लंबित प्रकरणों तथा सहायता वितरण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 15 प्रकरणों में 16.52 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की गई। इनमें जातिसूचक शब्दों एवं गाली-गलौज से संबंधित 10 प्रकरण, छेड़छाड़ का एक, बलात्कार का एक, हत्या के दो तथा अन्य श्रेणी का एक प्रकरण शामिल है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 5 प्रकरणों में 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इनमें जातिसूचक शब्दों एवं गाली-गलौज से संबंधित चार तथा अन्य श्रेणी का एक प्रकरण शामिल है।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में पाँच स्वीकृत प्रकरणों में बजट उपलब्ध न होने के कारण सहायता राशि का भुगतान लंबित है। वहीं चार प्रकरणों में स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। एक प्रकरण आवश्यक अभिलेखों के सत्यापन तथा एक अन्य प्रकरण बैंक खाते का विवरण उपलब्ध न होने के कारण लंबित है। इसके अतिरिक्त दो प्रकरणों में विधिक राय प्राप्त किए जाने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

मुख्य विकास अधिकारी ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनपद स्तर पर सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी उपखंडों में उपखंड स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समितियों के गठन एवं नियमित बैठकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋषिकेश एवं डोईवाला उपखंडों में समितियों का गठन सात दिनों के भीतर पूर्ण कर उनकी बैठक भी आयोजित की जाए।

बैठक में अवगत कराया गया कि मसूरी, विकासनगर, देहरादून सदर तथा कालसी (चकराता एवं त्यूणी क्षेत्र सहित) में उपखंड स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समितियों का गठन किया जा चुका है तथा मसूरी एवं विकासनगर में समितियों की बैठक 17 जुलाई, 2026 को आयोजित हो चुकी है।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ये समितियाँ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों की रोकथाम, पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने, विभिन्न विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने तथा अधिनियम के प्रभावी अनुपालन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी संतोष कुंवर, जनप्रतिनिधि गोपाल पुरी एवं मनोज शर्मा, गैर-सरकारी संस्थाओं से लॉरेंस सिंह, लता चमोली (रेफेल होम), निरुपमा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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