सूचना विभाग और पत्रकारों के बीच समन्वय की नई मिसाल : लघु समाचारपत्र एसोसिएशन का सतत संवाद अभियान
*उपनिदेशक पद पर पदोन्नति पर “श्रीमती अर्चना” को बुके, फूलों, हिमाचली टोपी से किया अभिनन्दन


देहरादून। सूचना विभाग और पत्रकारों के मध्य परस्पर सौहार्द, विश्वास एवं समन्वय स्थापित करने की दिशा में लघु समाचारपत्र एसोसिएशन द्वारा निरंतर सकारात्मक पहल की जा रही है। एसोसिएशन ने संपर्क, स्वागत, अभिनंदन और शुभकामना कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ कर पत्रकारिता जगत और सूचना विभाग के बीच बेहतर संवाद का वातावरण तैयार किया है। इस क्रम में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मृदुभाषी व जनप्रिय अधिकारी “श्रीमती अर्चना” को उपनिदेशक पद पर पदोन्नत होने पर बुके, फूलों , हिमाचली टोपी से स्वागत व अभिनंदन किया।


एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र अग्रवाल का मानना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता और शासन-प्रशासन के बीच स्वस्थ संबंध समाजहित में अत्यंत आवश्यक हैं। सूचना विभाग जहां सरकार की योजनाओं, नीतियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है, वहीं पत्रकार समाज की आवाज़ बनकर जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं को सामने लाते हैं। ऐसे में दोनों के बीच समन्वय लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाता है।लघु समाचारपत्र एसोसिएशन द्वारा चलाया जा रहा यह संवाद अभियान इसी सोच का परिणाम है।

एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री ब्रिजेन्द्र यादव का मानना है कि इस पहल से सूचना विभाग व पत्रकारों के मध्य आपसी विश्वास बढ़ रहा है और संवाद के नए रास्ते खुल रहे हैं। एसोसिएशन की महिला विंग की प्रदेश संयोजिका रचना गर्ग ने कहा कि भविष्य में भी यह संपर्क अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि पत्रकारों और सूचना विभाग के बीच सहयोग, सम्मान और सौहार्द का वातावरण और अधिक मजबूत हो सके।

“श्रीमती अर्चना” के स्वागत, अभिनन्दन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री ब्रिजेन्द्र यादव, महिला संयोजिका रचना गर्ग के साथ ही प्रदेश कोषाध्यक्ष रोहित गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष (महिला) निर्मला जोशी, प्रदेश मंत्री प्रमोद बेलवाल, महानगर इकाई के महामंत्री दीपक कुमार में शामिल रहे। कार्यक्रम में उपनिदेशक बद्री चंद्र नेगी की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर उपनिदेशक “श्रीमती अर्चना” को पदोन्नति के उपलक्ष्य में सभी को स्वादिष्ट मिष्ठान भी वितरित किया।


