उत्तराखंड के थानों में ई—मेल से भी दर्ज हो सकती है एफआईआर

थाना प्रभारियों की ई—मेल आई.डी. पुलिस विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध
सूचना अधिकार के तहत उपलब्ध करायी सूचना में दी गयी जानकारी
हमारे संवाददाता
उधमसिंहनगर। उत्तराखंड के थानों में अब अपराधों की एफआईआर ई—मेल के माध्यम से भी दर्ज करायी जा सकती है। इसके लिये उत्तराखंड के अधिकतर थानों के प्रभारियों की ई—मेल आई.डी. पुलिस विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। यह जानकारी उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के लोेक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना अधिकार के तहत उपलब्ध करायी गयी सूचना में दी गयी है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के लोक सूचना अधिकारी से उत्तराखंड के सभी थानों के थाना प्रभारी/प्रभारी निरीक्षकों के कार्यालयों की ई—मेल आई.डी. की सूची जिन पर ई—मेल भेजकर एफ.आई.आर. दर्ज करायी जा सकती हैं, की सूचना चाही थी। इसके उत्तर में लोक सूचना अधिकारी/पुलिस अधीक्षक (प्रो0/मोर्ड0) ममता वोहरा ने अपने पत्रांक 580 के साथ पुलिस अधीक्षक एस.सी.आर.बी. विशाखा अशोक भदाणे के पत्रांक 16/2010 की प्रति उपलब्ध करायी है। उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड के सभी थानों के थाना प्रभारी/प्रभारी निरीक्षकों के कार्यालयों की ई—मेल आई.डी. जिन पर ई—मेल भेजकर एफ.आई.आर. दर्ज करायी जा सकती है, उत्तराखंड पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड पुलिस विभाग की अधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर क्लिक करके जिला व थाना सलैक्ट करने पर सम्बन्धित थाना/कोतवाली के क्षेत्र , थाना प्रभारी तथा इससे सम्बन्धित पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) के फोन नं., मोबाइल नं. तथा ई—मेल आई.डी. की जानकारी मिल जाती है। यघपि कुछ थानों के प्रभारियों की ई—मेल आई.डी. इसमें उपलब्ध नहीं हैं। सरल फौजदारी कानून, तथा बी.एन.एस. का परिचय सहित 46 कानूनी व जागरूकता पुस्तकों के लेखक नदीम उद्दीन ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के अन्तर्गत इलैक्ट्रानिक संसूचना द्वारा किसी भी पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी को संज्ञेय (गंभीर) अपराधों की एफ.आई.आर/रिपोर्ट करने का प्रावधान किया गया है। इसके लिये उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड भारतीय नागरिक सुरक्षा नियमावली 2024 में विस्तृत प्रावधान किये गये है। इससे एफ.आई.आर दर्ज कराने के नाम पर उत्पीड़न व भ्रष्टाचार तथा सिफारिशों के आरोपों में भी कमी आयेगी।

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