अंकिता भंडारी हत्याकांडः बंद रहा बेअसर

संवाददाता
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर 11 जनवरी 2026 को कांग्रेस सहित कुछ राजनीतिक दल व संगठनों द्वारा उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया था। लेकिन इस बंद का राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई हिस्सों में खास असर देखने को नहीं मिला। हालांकि इस दौरान जब संगठनों की रैलियंा निकली तो लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर ली लेकिन रैलियंा जाते ही एक बार फिर लोगों द्वारा अपनी दुकाने खोल दी गयी थी।
दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पहले ही इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी गई है। सरकार के इस फैसले का प्रदेश की जनता ने स्वागत किया है। यही वजह रही कि कई व्यापार मंडलों, टैक्सी और बस यूनियनों ने उत्तराखंड बंद को समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया और अपने कामकाज को सामान्य रखने का निर्णय लिया।
बंद के दौरान किसी तरह की जबरन दुकानें बंद कराने या वाहनों को रोकने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून—व्यवस्था बनी रहे।
वहीं ग्राउंड रिपोर्ट में भी सामने आया कि राजधानी के मुख्य बाजारों में बंद का कोई खास असर नहीं देखा गया, बाजार खुले रहे, वाहनों की आवाजाही सामान्य रही और आम जनजीवन पूरी तरह से सुचारू नजर आया। कुल मिलाकर, धामी सरकार के सीबीआई जांच के फैसले के बाद उत्तराखंड बंद जनता का समर्थन नहीं जुटा सका और बंद बेअसर साबित हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *