एक सप्ताह में कोई फैसला नहीं तो होगा उग्र आंदोलनः महिला मंच
हमारे संवाददाता
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्या मामलें में आज फिर कांग्रेस सहित दर्जनों विपक्षी दल और सामाजिक कार्यकर्ता हजारों की संख्या में सड़कों पर आंदोलन करते नजर आए, जिन्होंने अंकिता हत्याकांड मामलें में वीआईपी का नाम उजागर करने और पूरे मामलें में सीबीआई जांच करवाने की मांग कर सीएम आवास कूच किया।
उत्तराखण्ड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कथित वीआईपी का नाम उजागर होने से गुस्साये कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक सगंठनों के लोग अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत परेड ग्रांउड में एकत्र हुए और उन्होने सीएम आवास कूच किया। सीएम आवास घेराव के प्रदर्शन के दौरान हांथी बड़कला के पास पुलिस ने बेरिकेटिंग लगा कर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया, जिन्होंने सीएम आवास कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को बेरिकेटिंग पर ही रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में जमकर धक्का—मुक्की भी हुई, प्रदर्शनकारियों ने बेरिकेटिंग पार करने के खूब प्रयास किए लेकिन भारी पुलिस बल ने प्रोटेस्ट करने वालों को बेरिकेटिंग पार नही करने दिया ,हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए और धामी सरकार पर वीआईपी को बचाने का आरोप लगाया साथ ही सरकार को चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह में सरकार ने मामलें में वीआईपी का नाम उजागर नही किया और सीबीआई जांच की संस्तुति नही करवाई तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतर इस आंदोलन को और भी उग्र रूप में किया जाएगा।
अंकिता भंडारी हत्याकांड विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनो के लोग सड़कों पर उतरे सीएम आवास कूच कर की सीबीआई जांच की मांग
