सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पूर्व एसएसपी स्वंय मैदान में
17 से अधिक गिरफ्तार, 136 के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्यवाही
संवाददाता
नैनीताल। बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पूर्व कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतू एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी स्वंय मैदान में उतर चुके है। जिनकेे नेतृत्व में पुलिस पूर्ण अलर्ट मोड पर है तथा सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। जिसके तहत जहंा 17 से अधिक लोग गिरफ्तार किये जा चुके है वहीं 136 लोगों के खिलाफ मुचलका पाबंद कार्यवाही की गयी है।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी स्वयं मैदान में उतरकर पुलिस बल को फ्रंट से लीड कर रहे है, तथा उन्होनेे कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयत्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। निर्णय के उपरांत शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा संभावित उपद्रवियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करते हुए 17 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, तथा 136 लोगों के खिलाफ भारी धनराशि पर मुचलका पाबंद की कार्यवाही की गई।
इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा जनपद की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गयी है। वहीं संदिग्धों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है साथ ही सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इस दौरान पुलिस द्वारा अवांछनीय तत्वों की लगातार चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही अनावश्यक घूमने वालों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
इस दौरान एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्रा, एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, एसपी जीआरपी सुश्री अरुणा भारती, एसपी रेलवे पी के श्रीवास्तव, एसपी/ क्षेत्राधिकारी लालकुआं श्रीमती दीपशिखा अग्रवाल, एसपी दूरसंचार रेवाधर मठपाल, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, निरीक्षक बनभूलपुरा दिनेश सिंह फर्त्याल, निरीक्षक एलआइयू ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा,सहित अन्य राजपत्रित/ अराजपत्रित अधिकारियो ने भी मोर्चा सम्भाला है। उन्होंने आमजन से सर्वोच्च न्यायालय के आगामी फैसले का सम्मान करने की अपील करते हुए स्पष्ट संदेश दिया गया है। उन्होने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी से कड़ी कार्यवाही करेगी। सोशल मीडिया पर भी नैनीताल पुलिस की पैनी नजर है, अफवाह/ भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित करने वालों तथा अनर्गल बयानबाजी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला
