संवाददाता
अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड के सल्ट में मिले 161 जैलटन ट्यूब मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके अनुसार यह विस्फोटक सामग्री सडक निर्माण के दौरान चट्टानो को उड़ाने के लिए लायी गयी थी।4
सल्ट क्षेत्र में बरामद हुए 161 जैलटन ट्यूबों के संवेदनशील मामले का पुलिस ने सफल अनावरण कर दिया है। झाड़ियों में छिपाकर रखे गए विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। जिस पर तेजी से की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप घटना के पीछे का पूरा घटनाक्रम उजागर हो गया है और पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रशांत कुमार विष्ट को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला तब सामने आया जब बीते 20/21 नवंबर को रा.ऊ.मा.वि. डभरा, हल्का नंबर—3 के पास झाड़ियों में बेलनाकार 161 जैलटन ट्यूब मिलने पर थाना सल्ट में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण को गंभीर मानते हुए एसएसपी ने चार विशेष टीमों का गठन किया और बम डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड, एलआईयू और स्थानीय पुलिस को सर्च अभियान में शामिल किया। गठित टीमों ने क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद आरोपी प्रशांत विष्ट पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वर्ष 2016—17 में उसने सड़क निर्माण का कार्य लिया था और उस दौरान किराए के कमरे में रहता था। वर्ष 2018 में चटृान तोड़ने के लिए उसके साझेदार लवी द्वारा ये जैलटिन ट्यूब लाए गए थे। पूरे मामले का रहस्य तब खुला जब पता चला कि आरोपी बीते 6—7 वर्षों से किराए के कमरे को खाली नहीं कर रहा था। जून 2025 में मकान मालिक द्वारा कमरे का ताला तोड़कर सफाई कराई गई और अनजाने में मजदूरों ने कमरे में पड़ी सामग्री को झाड़ियों में फेंक दिया। मकान मालिक को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनमें विस्फोटक पदार्थ भी शामिल थे। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी जानकारी जुटा रही है और संभावित साजिश के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
उत्तराखण्ड में मिली विस्फोटक सामग्री का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार
