संवाददाता
देहरादून। पुलिस ने ऑपरेशन कॉलनेमी के तहत फर्जी पहचान पत्रों के साथ रह रहे बांग्लादेशी को पत्नी सहित गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार थाना नेहरूकॉलोनी तथा एलआईयू देहरादून को अवैध रूप से बार्डर क्रास कर भारत में आकर रह रहे एक बांग्लादेशी पुरूष के नेहरुकोलोनी क्षेत्र में एक महिला के साथ रहने की सूचना प्राप्त हुयी। जिस पर पुलिस द्वारा उक्त दोनों संदिग्ध महिला व पुरूष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हिरासत में लिये गये व्यक्ति ने अपना असली नाम ममून हसन पुत्र मौहम्मद अली यासीन निवासी मूल पता आनंदोवास थाना मुजीबनगर जिला मेहरपुर बांग्लादेश व महिला द्वारा अपना नाम रीना चौहान पुत्री विश्वजीत सिंह निवासी ट्यूटार पोस्ट बिरनाद तहसील त्यूणी जनपद देहरादून बताया। सख्ती से पूछताछ करने पर रीना द्वारा बताया गया कि वह वर्तमान में ममून हसन के साथ अलकनंदा इन्क्लेव नेहरू कालोनी में किराये पर रह रही है व उसके द्वारा ममून हसन के भारत के फर्जी प्रमाण पत्र अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर बनाये गये हैं तथा वर्तमान में वह ममून हसन (सचिन चौहान) के साथ पति पत्नी के रूप में रह रहे हैं। ममून व रीना द्वारा षडयंत्र कर भारत के फर्जी पहचान पत्र बनवाकर अवैध रूप से भारत में निवास करने पर ममून व रीना के विरूद्ध थाना नेहरू कॉलोनी पर मुकदमा दर्ज कर ममून व रीना को गिरफ्तार किया गया है। जिनके कब्जे से फर्जी प्रमाण/पहचान पत्र व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये गये हैं। फर्जी पहचान पत्र बनवाने में ममून व रीना की सहायता करने वाले भी पुलिस के रडार पर हैं। पूछताछ में ममून द्वारा बताया गया कि रीना से उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी, जिससे नजदीकियां बढने पर ममून 2019 में रीना से मिलने टूरिस्ट वीजा पर बांग्लादेश से भारत आया तथा रीना से उसकी मुलाकात देहरादून में हुई। जहां ममून 2 माह तक रीना के साथ रहकर वीजा खत्म होने के उपरान्त बांग्लादेश वापस चला गया। इसके उपरान्त ममून पुनः इसी प्रकार वर्ष 2020 व 2021 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया तथा कोरोना काल में वीजा समाप्ति के बाद वापस बांग्लादेश चला गया व रीना को भी अवैध रूप से बार्डर पार कराकर बाग्ंलादेश ले गया। जंहा दोनो द्वारा निकाह करना बताया गया व कुछ समय बाद ममून व रीना अवैध रूप से बार्डर पार कर भारत वापस आकर देहरादून में अलग—अलग स्थानों पर किराये पर पति पत्नी की तरह रहने लगे। रीना द्वारा बताया गया कि वह त्यूणी/देहरादून की निवासी है व पूर्व मे उसका विवाह त्यूणी निवासी सचिन चौहान के साथ हुआ था व दोनो अलग रहने लगे। रीना ने अपने कुछ परिचितों की सहायता से ममून हसन के लिये अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम के फर्जी पहचान पत्र बनवाये व दोनो सचिन चौहान व रीना के नाम से पति—पत्नि की तरह साथ रहने लगे। ममून हसन देहरादून के एक क्लब में सचिन चौहान के नाम व पहचान पत्र से बाउंसर का काम करने लगा। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बांग्लादेशी बांउसर त्यूणी की लड़की के साथ गिरफ्तार
