कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना व आंदोलनकारी मंच ने दिया समर्थन
संवाददाता
देहरादून। चेम्बर निर्माण की मांग को लेकर हडताल पर चल रहे अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन नौवें दिन भी जारी रहा इस दौरान धरना स्थल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना व आंदोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने मौके पहुंच अधिवक्ताओं को आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
आज यहां चेम्बरों सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन नौंवे दिन भी जारी रहा। इस दौरान अधिवक्ता हरिद्वारा रोड पर धरने पर बैठे रहे। धरने के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, आंदोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंच अधिवक्ताओं के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान वकीलों के चेंबर निर्माण और जमीन आवंटन की मांगों को लेकर देहरादून बार एसोसिएशन और सरकार के बीच कोई समन्वय नहीं बन सका है। एसोसिएशन की ओर से गठित संघर्ष समिति ने सरकार के सामने अपनी मांगे रख दी हैं। साथ ही साफ कह दिया है कि सरकार यदि उनकी मांगों पर 48 घंटे के भीतर लिखित आश्वासन नहीं देती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस सूरत में आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। अदालत के साथ—साथ रजिस्ट्रार ऑफिस का काम भी ठप पड़ा है। हड़ताल के चलते बस्ते, टाइपिंग, स्टाम्प वेंडर आदि सेवाएं भी पूरी तरह बंद हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल और सचिव राजबीर सिंह बिष्ट ने सभी अधिवक्ताओं को आंदोलन में शामिल होने के लिए अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि सभी अधिवक्ता अदालत और न्यायिक कार्यालयों से पूरी तरह विरत रहेंगे। रजिस्ट्रार ऑफिस में भी काम नहीं होगा। समिति ने भवन निर्माण और भूमि आवंटन से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करके प्रशासन के सामने रखे है। प्रशासन की ओर से दिए जाने वाले आश्वासन, फैसले या घोषणाएं लिखित में और समयबद्ध तरीके से ही स्वीकार्य होंगी। नई जिला अदालत में आवंटित भूमि के साथ पुरानी जिला अदालत की संपूर्ण भूमि को अधिवक्ता चैंबर व भवन निर्माण के लिए आवंटित करने की मांग रखी है, जिसका उपयोग सभी वकील, मुंशी, टाइपिस्ट, स्टाम्प विक्रेता और विधि व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों के बैठने, पार्किंग, कैंटीन, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम और वॉशरूम आदि की सुचारु व्यवस्था के लिए किया जाएगा। नई और पुरानी अदालत को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाने की मांग है, क्योंकि दोनों के बीच सड़क पार करना मुश्किल होता है, हादसों का डर रहता है और यातायात भी बाधित होता है। सभी चेंबर, भवन और अंडरपास का निर्माण कार्य सरकार अपने खर्च पर अपनी सरकारी एजेंसी के माध्यम से करवाए। निर्माण की देखरेख व निगरानी बार एसोसिएशन की ओर से नियुक्त समिति करेगी। सरकार निर्माण संबंधी सभी महत्वपूर्ण फैसलों में इस संघर्ष समिति के सदस्यों को शामिल करेगी।
अधिवक्ताओं की हडताल नौवें दिन भी जारी
