ढाका। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना मानवता के खिलाफ 5 अपराधों में से 3 में दोषी करार दी गई हैं। शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई गई है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के मामले में आज इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल बांग्लादेश (आईसीटीबीडी) ने बहुत बड़ा फैसला सुनाते हुए उन्हें फांसी की सजा सुना दी।
ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी शेख हसीना को ठहराया है। ट्रिब्यूनल ने उन्हें 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड भी कहा है। हसीना और दो अन्य आरोपी पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर मानवता के विरुद्ध अपराधों का मुकदमा चलाया गया। कोर्ट ने शेख हसीना को तीन मामलों में दोषी ठहराया है, जिनमें न्याय में बाधा डालना, हत्याओं का आदेश देना और दंडात्मक हत्याओं को रोकने के लिए कदम उठाने में विफल रहना शामिल है।
बांग्लादेश के आईटीसी ने कहा, “आरोपी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने उकसावे वाले आदेश के जरिए मानवता के विरुद्ध अपराध किए हैं और आरोप संख्या 1 के तहत निवारक और दंडात्मक उपाय करने में भी विफल रहीं।” कोर्ट ने आगे कहा, “आरोपी शेख हसीना ने आरोप संख्या 2 के तहत ड्रोन, हेलीकॉप्टर और घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश देकर मानवता के विरुद्ध अपराध का एक मामला दर्ज किया है।” कोर्ट ने कहा कि हसीना को तीन मामलों में दोषी पाया गया है। जस्टिस गुलाम मुर्तुजा मजुमदार ने कहा, “मानवता के विरुद्ध अपराध की सभी हदें पार कर गई हैं।” पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून, जो अभियोजन पक्ष के गवाह बन गए हैं, इस मामले में सह-आरोपी थे। हसीना अगस्त 2024 में आंदोलन के दौरान जान बचाकर भारत आईं थीं तभी से वह दिल्ली में रह रही हैं।
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को सुनाई फांसी की सजा !
