आज दिखेगा सुपरमून

नई दिल्ली। आज रात आसमान में एक दुर्लभ नजारा दिखने वाला है। आज चांद का दीदार बेहद खास होने वाला है। इसे सुपरमून के नाम से जाएगा। सुपरमून तब होता है, जब फुल मून यानी पूर्णिमा का चांद पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है। इसके कारण चंद्रमा नॉर्मल साइज से बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। सुपरमून, जिसे हार्वेस्ट मून भी कहा जाता है। आज रात आसमान में अलग ही रोशनी बिखेरगा। यह चांद सामान्य पूर्णिमा से 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकीला नजर आएगा, जो आकाशप्रेमियों के लिए एक यादगार दृश्य साबित होने वाला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने इसे ‘प्राकृतिक उपग्रह का एक वार्षिक वैश्विक उत्सव’ करार दिया है, जो चंद्रमा के प्रति उत्साही लोगों को एकजुट करता है। सुपरमून तब होता है, जब एक पूर्ण चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के करीब होता है। नासा के अनुसार, यह चंद्रमा को साल के सबसे मंद चंद्रमा की तुलना में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकीला दिखाई देगा। नासा के अनुसार, सुपरमून तब होता है जब पूर्ण चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट बिंदु पर पहुंचता है। चांद पृथ्वी से महज 224,600 मील (361,459 किलोमीटर) दूर होगा, जो सामान्य दूरी (2,38,900 मील) से करीब 10 प्रतिशत कम है।
फिलाडेल्फिया में फ्रैंकलिन इंस्टीट्यूट के मुख्य खगोलशास्त्री डेरिक पिट्स ने कहा कि यह वास्तव में बहुत असामान्य नहीं है। अगर आसमान साफ रहता है तो दुनिया में हर कोई बिना खास उपकरण के अपनी आंखों से सुपरमून देख सकता है। लेकिन इसके खास अंतर को समझ पाना मुश्किल हो सकता है। पिट्स ने आगे कहा,’अगर आप बाहर जाकर चांद को आसमान में बहुत ऊंचे पर देखें तो आपको उसके सापेक्ष कोई भी चीज नहीं दिखेगी, जिससे आपको अंदाजा हो सके कि वह कितना बड़ा दिखता है।’

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