“बारिश से तबाही जारी, 24 तक नहीं राहत”

  • चमोली और दून में राहत व बचाव कार्य जारी
  • सड़कों पर मलवा आने से हो रही है मुश्किलें
  • दर्जनों गांवों में बिजली—पानी की सप्लाई ठप

देहरादून। उत्तराखंड के लोगों को मानसूनी आपदा से कब निजात मिलेगी अभी इसकी संभावनाएं नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार राज्य में 24 सितंबर तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
चमोली के नन्दानगर में 3 दिन पूर्व हुई भारी तबाही और देहरादून में दो दिन पूर्व हुई अतिवृष्टि के कारण भारी जान माल का नुकसान हुआ था, जहां अभी भी बचाओ और राहत कार्य जारी है। नन्दानगर से प्राप्त समाचार के अनुसार यहां मोक्ष नदी अभी भी उफान पर है और पानी का दरिया घरों और गलियों के बीच से बह रहा है, जिसे देखकर ग्रामीण लोगों में दहशत है। अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि पांच लोग अभी भी लापता है, इस आपदा में 32 मवेशियों की भी मौत हुई है। 200 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। आज यहां प्रशासन द्वारा हेलीकॉप्टर से फूड पैकेट प्रभावितो तक पहुंचाय गए है।
उधर दून में हुई तबाही के बाद देहरादून—मसूरी मार्ग को सुचारू बनाने के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है। दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा टूटे हुए पुल की जगह वैली ब्रिज तैयार कर दिया गया है। अभी भी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही संभव नहीं हो पाई है क्योंकि कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह से ढह गई है। उधर यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कालसी (चकराता) के पास बीते 6 दिनों से बंद पड़ा है। मार्ग को खोलने के प्रयास जारी हैं लेकिन बार—बार पहाड़ से मलवा आने से मार्ग नहीं खुल पा रहा है।
राज्य में अधिकांश सड़कों पर सफर या तो बंद पड़ा है और अगर आवाजाही हो भी रही है तो वह जान हथेली पर रखकर ही की जा रही है। कितने ही गांवोंं में बिजली—पानी की सप्लाई भी बाधित है जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दून में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है तथा 24 सितंबर तक चमोली, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग सहित तमाम जिलों में बारिश की संभावनाओं के बीच लोग दहशत में हैं।

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