- घर—घर जाकर सुनी समस्याएं, ढांढस बंधाया
- नदियों के किनारे अवैध निर्माण रोकना जरूरी
उत्तरकाशी। आपदा राहत कार्यों में हीला हवाली के आरोपों के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी दौरे पर है। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने स्यानाचटृी के आपदा प्रभावितों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा और उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया कि आपदा प्रभावित लोगों के साथ उनकी सरकार खड़ी है। सभी प्रभावितों की हर तरह से मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्यानाचटृी के आपदा प्रभावित क्षेत्र में घर—घर जाकर लोगों का हाल जाना तथा उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में सरकार उन्हें हर तरह से मदद करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में हो रही लगातार बारिश तथा भूस्खलन की घटनाओं के कारण राज्य की सड़कों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके कारण आपदा प्रभावितों तक समय से मदद और सहायता पहुंच पाने में देरी हुई है। लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है हम हर एक व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का प्रयास निरंतर कर रहे हैं तथा यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि इस साल मानसूनी आपदा में भारी नुकसान हुआ है। धराली, थराली और हर्षिल में भारी जनधन हानि हुई है जिसका आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा जहां 20—20 फीट तक पानी और मलवा जमा हो गया है उसे साफ करना और सड़कों को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। आपदा का क्षेत्र इतना व्यापक है कि एक साथ या कुछ समय में सब कुछ सामान्य हो जाएगा ऐसा नहीं है। लेकिन इस दिशा में युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है सरकार के साथ तमाम सामाजिक संस्थाएं भी मदद में जुटी है।
उल्लेखनीय है कि आज ही केंद्र से भी आपदा प्रबंधन और सरकार के कुछ अधिकारियों की टीम को आपदा से हुए नुकसान के आकलन के लिए आना है, वहीं विपक्ष भी इसे लेकर सरकार की घेराबंदी कर रहा है। जिसके कारण सीएम को अब आपदा प्रबंधन की जांच के लिए खुद मैदान में उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हर जगह की समस्या अलग तरह की है कहीं जमीन में दरारें आ रही हैं तो कहीं मलवा व पानी जमा है। उन्होंने कहा कि इसका भूगर्भीय सर्वेक्षण भी कराया जाएगा।
