धर्मांतरण कानून को और कठोर बनाया जाएगा

  • धामी की कैबिनेट ने 26 प्रस्तावों पर लगाई मोहर
  • वन विभाग अपनी जमीनों का करेगा सर्वे
  • अग्नि वीरों को 10 फीसदी क्ष्ौतिज आरक्षण
  • सूचना प्रौघोगिकी 2025 की नियमावली को मंजूरी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार धर्म परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने और वन भूमि के संरक्षण के दिए और अधिक कड़े कानून लागू करने जा रही है। आज सीएम धामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में वनीकरण निधि प्रबंधन संशोधन एक्ट तथा धर्मांतरण कानून में संशोधन और सूचना प्रौघोगिकी 2025 की नई नियमावली सहित कुल 26 प्रस्तावों पर स्वीकृति की मोहर लगा दी गई है।
सचिवालय में आज आयोजित हुई इस बैठक में धर्मांतरण कानून को और अधिक सख्त बनाने का निर्णय लेते हुए धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा 2023 में ही धर्मांतरण कानून लाया गया था। जिसमें धर्मांतरण रोकने के सख्त प्रावधान किए गए थे लेकिन राज्य में बढ़ते धर्मांतरण के मामले और डेमोग्राफी चेंज के खतरे को देखते हुए इसमें संशोधन कर और कड़े प्रावधान करने का मन बना दिया गया है तथा इसमें गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराओं में कार्यवाही तथा सजा की अवधि बढ़ाने का प्रावधान किया जा सकता है। वही वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए वनीकरण अधिनियमों में संशोधन के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी सहमति की मोहर लगा दी है। फॉरेस्ट विभाग द्वारा अपनी बाउंड्री वॉल की सेफ्टी के लिए वन विभाग की टीमे सर्वे करेगी और जिन क्षेत्रों मैं अतिक्रमण किया गया है उसे हटाया जाएगा तथा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी।
उधर सरकार द्वारा अग्नि वीरों के लिए सरकारी सेवाओं में 10 फीसदी क्ष्ौतिज आरक्षण की व्यवस्था को अपनी मंजूरी दे दी गई है। अग्नि वीरों को समूह ग के अंतर्गत होने वाली बावर्दी सेवाओं में यह आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। अग्नि वीरों को इस प्रक्रिया के तहत आयु सीमा में छूट दी जाएगी। जो अग्नि वीरों के रूप में उनके द्वारा की गई सेवा काल के बराबर होगी। आज की कैबिनेट बैठक में इसके अलावा सूचना प्रौघोगिकी अधिनियम 2025 की नई नियमावली पर भी अपनी स्वीकृति की मोहर लगा दी गई है। बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को आज कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है।

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