फिर से गति पकड़ रहा है रेस्क्यू अभियान

  • मलबे से अब तक कुछ भी नहीं मिला, सर्चिंग जारी
  • 14 अगस्त तक चार धाम यात्रा पर पूरी तरह रोक
  • हाईकोर्ट ने अपनी मॉनिटरिंग टीम भेजी धराली
  • हर्षिल में बनी झील से धराली पर फिर खतरा

उत्तरकाशी। हर्षिल और धराली की आपदा को आज आए हुए पूरा एक सप्ताह का समय बीत चुका है। लेकिन इस आपदा में कुल कितने लोग मरे और कितने लापता है इसकी सही संख्या को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो सकी है भले ही सरकार ने मरने और लापता लोगों की संख्या 50 के आसपास बताई गई हो लेकिन प्रत्यक्षदर्शी इनकी संख्या कई गुना अधिक बता रहे हैं। जहां तक आपदा राहत की बात है तो प्रभावितों तक जरूरी राशन कपड़ा तो पहुंच चुका है लेकिन लापता लोगों की तलाश मुश्किल हो रही है और मलवे से अब किसी के भी जिंदा निकल पाने की सभी संभावनाएं समाप्त हो चुकी है कितने शव बरामद हो सकेंगे यह समय ही बताएगा।
बीते कल खराब मौसम के कारण हेली सेवा का संचालन नहीं हो सका था लेकिन आज यह सेवा फिर शुरू कर दी गई है लेकिन खराब मौसम के कारण कब तक जारी रह पाएगी कुछ नहीं कहा जा सकता है। खराब मौसम के बीच भले ही रेस्क्यू अभियान जारी हो लेकिन यह काम अब सामान पहुंचाने और लोगों को इधर से उधर लाने ले जाने तक ही सीमित है न तो हर्षिल में लापता हुए सैन्य बल के नौ लोगों में से अभी तक किसी का कुछ पता चल सका है और न ही 39 लोगों में से किसी एक की भी खोज खबर लग सकी है जिनकी सूची जारी की गई है।
इस आपदा के दौरान हर्षिल में बनी एक बड़ी झील को लेकर विशेषज्ञों की चिंता ने भी थोड़ी परेशानी बढ़ा दी है अगर इस क्षेत्र में अब अधिक बारिश हुई और इस झील का जलस्तर बढ़ा तो एक बार फिर धराली में वाटर बम फटने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग द्वारा 15 अगस्त तक उत्तरकाशी सहित राज्य के सभी जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जिसके मद्देनजर पूरे प्रदेश को सरकार ने अलर्ट मोड पर रखा है। चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के साथ फूलों की घाटी जाने पर भी 14 अगस्त तक पूर्ण रोक लगा दी गई है। राज्य में जारी बारिश के कारण लगभग सभी नेशनल हाईवे कई स्थानों पर बंद है। बदरीनाथ हाईवे गोचर के पास भूस्खलन से बंद है वहीं गंगोत्री मार्ग भी कई जगह अवरुद्ध है नेताला के पास सड़क पर इतनी दलदल है कि यहां कई वाहन फंसे हुए हैं। कोटद्वार दुगड्डा मार्ग भी बंद है उधर भटवाड़ी में पहाड़ से लगातार मलवे का आना जारी है।
उधर नैनीताल हाई कोर्ट द्वारा हर्षिल और धराली में आई आपदा के पीड़ितों को लेकर चलाए गए रेस्क्यू अभियान व प्रभावितों की मदद की हकीकत जानने के लिए एक 10 सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी को धराली भेजा है जो हाई कोर्ट को रेस्क्यू अभियान की रिपोर्ट सौंपेगी।

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